Nitish Kumar के करीबी सेठ को ED ने किया गिरफ्तार, अब इस शिकार की तलाश में जुटी

by Republican Desk

Bihar News में 24 घंटे के दरम्यान सबसे चर्चित खबर बिहार के एक विधान पार्षद की गिरफ्तारी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सत्तारूढ़ JDU Party के एमएलसी को गिरफ्तार करने के बाद अगले शिकार की तलाश तेज कर दी है।

भोजपुर से राधाचरण सेठ की गिरफ्तारी के बाद उनके बेटे की तलाश में जुटी ईडी की टीम।

आरा-बक्सर निकाय क्षेत्र से निर्वाचित विधान पार्षद और जदयू के प्रदेश महासचिव राधा चरण साह उर्फ सेठ जी को प्रवर्तन निदेशालय (ED)ने गिरफ्तार कर लिया है। ईडी की टीम बुधवार को अहले सुबह उनके घर पर पहुंच घंटों पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उनसे उनकी अकूत सम्पत्ति का हिसाब मांगा गया। राधाचरण के द्वारा दिए गये जवाब से ईडी संतुष्ट नहीं हुई और शाम होते ही राधाचरण साह को गिरफ्तार कर पटना ले आयी। राधाचरण भोजपुर जिला के बड़हरा प्रखंड के रहने वाले हैं। बुधवार को उनकी गिरफ्तारी के बाद ही ईडी की टीम अगले शिकार, यानी उनके बेटे की खोज में लग गई। गुरुवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में ईडी ने जाल बिछाए रखा और तलाशी जारी रखी।

फर्श से अर्श तक का सफ़र ऐसे तय किया
भोजपुर जिला के लोगों का कहना है कि राधाचरण एक छोटे दुकानदार से एक बड़े व्यवसायी के रूप में जाने जाते हैं। इनकी गिनती अब शहर के ख़ास रईसों में की जाती है। लोग बताते हैं कि बात 1970-71 की है जब इनके पिता की आरा जंक्शन के बाहर छोटी सी जिलेबी की दुकान थी। उस दुकान पर वह अपने पिता की मदद करते हुए दुकान चलाते थे। फिर इन्होंने अपने पिता से कहकर खाने पीने और नाश्ते का होटल खोला। लोगों का कहना है कि किसी इंसान की किस्मत ऐसी होती है कि मिट्टी छू ले तो सोना बन जाता है। होटल से अच्छी आमदनी होने लगी तब राधा चरण जमीन की खरीद बिक्री में लग गये। वहां भी आशा के अनुरूप सफलता मिली। जमीन का काम करते करते वह रियल एस्टेट और उसके बाद बालू के धंधे में लग गये, जिसमें उन्होंने जमकर रुपये कमाए।

लालू यादव ने राजनीति में किया में किया शामिल
लालू प्रसाद यादव से बहुत अच्छे संबंध होने के कारण उनके कहने पर राधा चरण साह पहली बार 2015 में आरा-बक्सर सीट से एमएलसी का चुनाव लड़े जहां उन्होंने भोजपुर-रोहतास के बाहुबली विधायक सुनील पाण्डेय के भाई और राजग गठबंधन के प्रत्याशी हुलास पाण्डेय को 329 वोट से हराया। फिर इन्होने वह राजद छोड़कर जदयू का दामन थाम लिया। 2022 में वह फिर जदयू समर्थित एनडीए के उम्मीदवार बने और वह राजद समर्थित उम्मीदवार अनिल सम्राट को हराकर दूसरी बार विधान परिषद पहुंचे।

अकूत सम्पत्ति बनाई
राधा चरण साह अपने जिलेबी दुकान से धीरे धीरे बढ़ते बढ़ते आज शहर के रईस बन गये हैं। इनके पास आज दुकान, राइस मिल, कोल्ड स्टोर के अलावे कई रिसॉर्ट हैं। आरा में रमना मैदान शहीद भवन स्थित होटल, बाइपास रोड स्थित रिजॉर्ट के अलावा उत्तराखंड और हिमाचल में भी उनका होटल का व्यवसाय है। राजनीति में आने के बाद राधाचरण दास कई नेताओं के साथ बहुत अच्छे संबंध बनाये। बताया जाता है कि उनका पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के साथ भी व्यक्तिगत रूप से बहतर संबंध थे। इसी वजह से चुनाव के समय वह प्रभुनाथ सिंह के साथ चुनाव प्रचार में शामिल होते। चुनावी प्रचार के दौरान वह अपने समाज का वोट ट्रांसफर करवाते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले 5 फरवरी को राधा चरण सेठ के बड़े बेटे कन्हैया साह की शादी की 25वीं वर्षगांठ मनाई गई थी, जिसका आयोजन बाईपास स्थित रिजॉर्ट में किया गया था। इसमें राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं से लेकर बड़े-बड़े व्यापारी शामिल हुए थे।

गिरफ्तारी से पहले क्या कहा सेठ जी ने
राधाचरण सेठ ने ईडी के पूछताछ पर कहते रहे हैं कि मैं अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर यहां तक पहुंचा हूं। स्टेट बैंक, ग्रामीण बैंक, पीएनबी बैंक से हमने लोन लिया है। हमको नहीं समझ में आ रहा कि हमने कहां गड़बड़ी की है। फिलहाल आरा-बक्सर निकाय क्षेत्र से निर्वाचित विधान पार्षद सह जदयू के प्रदेश महासचिव राधा चरण साह उर्फ सेठ जी ईडी की गिरफ्त में हैं।

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