Live Score बढ़ाने बिहार आ रहे गृह मंत्री अमित शाह, जानिए टारगेट क्या और क्या गुगली फेंकेंगे

by Republican Desk

Bihar Police ने केंद्रीय गृह मंत्री की 16 सितंबर को बिहार यात्रा के मद्देनजर तीन जिलों अररिया, मधुबनी और दरभंगा में सुरक्षा की तैयारियां रखी हैं, हालांकि जनसभा के कारण पूरा फोकस झंझारपुर पर है।

Amit Shah पिछले दिनों मध्य प्रदेश गए थे। आज बिहार आ रहे हैं।

Amit Shah in Bihar LIVE : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह फिर बिहार आ रहे हैं। 16 सितंबर को उनकी बिहार यात्रा मिथिलांचल और सीमांचल में है, लेकिन उनका टारगेट मिथिला है। शाह इस बार पटना नहीं उतरेंगे। इसलिए, बिहार भाजपा के तमाम दिग्गज मथिलांचल में जमे हुए हैं। शाह का पहला कार्यक्रम अररिया के जोगबनी में है, लेकिन वह सरकारी है। इसके बाद मधुबनी के झंझारपुर में वह राजनीतिक जनसभा को संबोधित करेंगे। शाह न तो सड़क मार्ग से अररिया आ रहे और न ही झंझारपुर जाएंगे। झंझारपुर की सभा करने के बाद वह हेलीकॉप्टर से ही दरभंगा पहुंचेंगे और फिर निकल जाएंगे। इसलिए, भाजपा (BJP Party) के तमाम नेताओं से उनकी मुलाकात झंझारपुर में ही होनी है। अररिया में शाह के साथ केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के नाते बिहार भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नित्यानंद राय नजर आएंगे।


नीतीश की ओर से संजय कर रहे बैटिंग
Amit Shah Live Update से पहले यह जानना जरूरी है कि मिथिलांचल को भाजपा ने इस समय क्यों निशाने पर लिया है और पार्टी के थिंक टैंक अमित शाह यहां क्या गुगली फेंक सकते हैं? दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी भाजपा ने पूरी तरह से शुरू कर दी है। इससे पहले शाह मुंगेर-जमुई को टारगेट करने आए थे और वहां की राजनीति को गरमा कर जा चुके हैं। मिथिलांचल की राजनीति को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के जनता दल यूनाईटेड (JDU Party) ने पहले से गरमा रखा है। मतलब, जदयू ने यहां अपने सूचना-जनसंपर्क मंत्री संजय झा के जरिए बैटिंग काफी पहले शुरू कर दी थी। संजय झा यहां मिथिला हाट बनाने का श्रेय लेकर अपनी पिच पर जम चुके हैं तो दूसरी तरफ दरभंगा एम्स (AIIMS Darbhanga) की जमीन और दरभंगा एयरपोर्ट (Darbhanga Airport) की महंगी सेवाओं पर जोरदार चौके-छक्के जड़ रहे हैं। ऐसे में अमित शाह यहां कोई चौंकाने वाली गूगली फेंक दें और जदयू की पूरी बैटिंग लाइन को ध्वस्त करने का प्रयास करें तो अचंभा नहीं होगा।

कैसी गुगली फेंक सकते हैं अमित शाह
पिछले चुनावों में भाजपा-जदयू ने यहां साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन सीटों के हिसाब से सीधा यह माना जाता है कि गठबंधन में जिस दल की जहां मजबूत स्थिति रहती है- उसे वहीं से चुनाव लड़ने मिलता है। इस हिसाब से आंकड़ा देखें तो मिथिलांचल में जदयू का प्रभाव ज्यादा है। ऐसे में भाजपा को इस क्षेत्र की सबसे पुरानी, बड़ी और दिल से जुड़ी मांग पर कुछ खेल करना होगा। ऐसे में अगर भाजपा के थिंक टैंक अमित शाह ‘मिथिला’ या ‘मिथिलांचल’ राज्य को लेकर घोषणा कर दें तो युवाओं के साथ बुजुर्गों का भी एक बड़ा वर्ग भाजपा के साथ आ सकता है। शनिवार को शाह जब झंझारपुर में जनसभा करेंगे तो वह सनातन धर्म और भारत का मुद्दा भी उठाएंगे। सनातन धर्म को लेकर विपक्षी इंडी एलायंस के कई नेताओं ने उलटा बयान दिया है। ताजा बयान बिहार में राजद के दिग्गज नेता शिवानंद तिवारी का है, जिन्होंने खुद को सनातन विरोधी बताया है।

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