2026 Budget : भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने माघी पूर्णिमा के मौके पर 1 फरवरी 2026 को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। सीतारमण के बजट ने करदाताओं की कई श्रेणियों में छूट का एलान किया।

Budget 2026 Speech : विदेशी निवेश और कर-वंचना पर मोदी सरकार का कड़ा संदेश
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लगातार अपना नौवां बजट पेश कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। ‘कर्तव्य भवन’ से पेश किए गए इस बजट को सरकार ने ‘युवाशक्ति’ को समर्पित बताया है। बजट में जहां टैक्सपेयर्स को कुछ खास मोर्चों पर राहत मिली है, वहीं देश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए खजाना खोल दिया गया है।
Infrastructure & Railways : बुलेट की रफ्तार से दौड़ेगा विकास
सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। इस सेक्टर के लिए प्रमुख घोषणाएं निम्नलिखित हैं:
पूंजीगत व्यय (Capex) : अगले वित्त वर्ष के लिए इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले साल 11.2 लाख करोड़ था।
हाईस्पीड रेल : देश में 7 नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद और वाराणसी-सिलीगुड़ी जैसे रूट।
फ्रेट कॉरिडोर : माल ढुलाई को आसान बनाने के लिए पश्चिम बंगाल के डानकुनी से गुजरात के सूरत तक नया कॉरिडोर बनेगा।
वाटरवेज : वाराणसी और पटना को केंद्र बनाकर आंतरिक जलमार्गों का कायाकल्प किया जाएगा।
Technology & Manufacturing : चिप और इलेक्ट्रॉनिक्स का बनेगा हब
भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए ‘सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ का आगाज किया गया है:
इलेक्ट्रॉनिक्स : मोबाइल और अन्य उपकरणों के कलपुर्जे बनाने के लिए 40,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित हुआ है।
रेयर अर्थ कॉरिडोर : दुर्लभ खनिजों के लिए केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश को जोड़कर विशेष कॉरिडोर और मिनरल पार्क बनाए जाएंगे।
बायो-फार्मा शक्ति : दवाइयों के क्षेत्र में 10,000 करोड़ के निवेश से 3 नए संस्थान खुलेंगे।
Tax & Finance : टैक्सपेयर्स के लिए क्या बदला?
वित्त मंत्री ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन कुछ नियमों में सरलता और राहत दी है:
नया एक्ट : 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट प्रभावी होगा, जिसे आम आदमी की समझ के लिए बेहद सरल बनाया गया है।
विशेष छूट : मोटर एक्सीडेंट क्लेम की राशि को टैक्स फ्री किया गया।
शिक्षा और चिकित्सा : विदेश में शिक्षा और इलाज के खर्च पर टैक्स 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है।
विदेश यात्रा : ओवरसीज टूर प्रोग्राम पर अब 5% की जगह मात्र 2% टैक्स लगेगा।
MSME & Textile : छोटे उद्योगों को मिली संजीवनी
मेगा टेक्सटाइल पार्क : देश में बड़े पैमाने पर टेक्सटाइल पार्कों का निर्माण होगा। साथ ही खादी को प्रमोट करने के लिए ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ योजना शुरू होगी।
सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड : छोटे और सूक्ष्म उद्योगों (MSME) की लिक्विडिटी सुधारने के लिए क्रेडिट गारंटी सपोर्ट और ट्रांजेक्शन सेटलमेंट प्रोग्राम लाए जाएंगे।
ODOP : ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर रहेगा।
Agriculture & Health : नारियल, काजू और आयुर्वेद पर फोकस
नारियल संवर्धन योजना : नारियल उत्पादन बढ़ाने और पुराने पेड़ों को नई किस्मों से बदलने के लिए नई योजना का प्रस्ताव है। 2030 तक भारतीय काजू को ‘प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड’ बनाने का लक्ष्य है।
आयुर्वेद एम्स : देश में तीन नए ‘आयुर्वेद एम्स’ स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा जामनगर में WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर का विकास होगा।
मेडिकल टूरिज्म : भारत को ग्लोबल हब बनाने के लिए 5 क्षेत्रीय केंद्र (Regional Hubs) बनाए जाएंगे।
Bihar & North-East : पूर्वोदय और बौद्ध सर्किट
बौद्ध सर्किट : पूर्वोत्तर के 5 राज्यों (अरुणाचल, असम, सिक्किम, मिजोरम और त्रिपुरा) में बौद्ध सर्किट का निर्माण होगा।
बिहार विकास : पटना में जलमार्ग विकास और स्थानीय निकायों के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है।
रफ्तार : उत्पादन और आर्थिक प्रगति की गति को दोगुना करना।
बजट के 3 मुख्य ‘कर्तव्य’ और विजन
क्षमता : देश के नागरिकों को कौशल प्रदान कर विकास में भागीदार बनाना।
सबका साथ : हर क्षेत्र और परिवार तक समृद्धि के समान अवसर पहुंचाना।
आर्थिक रिपोर्ट कार्ड : वित्त मंत्री ने संतोष जताया कि पिछले 12 वर्षों में महंगाई काबू में रही है और भारत 7% की विकास दर के साथ स्थिर अर्थव्यवस्था बना हुआ है। सरकार का लक्ष्य 2031 तक कर्ज को जीडीपी के 50% तक और राजकोषीय घाटे को 4.5% से नीचे लाना है।