Bihar News : बिहार सरकार अब जनता से सीधे जुड़ने के लिए मोबाइल एप का सहारा ले रही है। तेजस्वी यादव ने सीधे कॉल की व्यवस्था की थी, लेकिन वह खुद सक्रिय नहीं रहे। मौजूदा सरकार ने सड़कों को लेकर एक एप जारी किया है, जिसकी चार महीने बाद फिर याद दिलाई गई है।

अगर आपके गांव की सड़क जर्जर है या पुल-पुलिया के कारण आवाजाही में दिक्कत हो रही है, तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। बिहार सरकार का ग्रामीण कार्य विभाग अब सीधे आपके मोबाइल ऐप के जरिए शिकायतों का निपटारा कर रहा है। विभाग द्वारा विकसित ‘‘हमारा बिहार, हमारी सड़क’’ मोबाइल ऐप ग्रामीण इलाकों के बुनियादी ढांचे को सुधारने में एक बड़ा हथियार साबित हो रहा है।
Digital Bihar : शिकायतों के निपटारे में 93 प्रतिशत से ज्यादा की सफलता
साल 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो 9 फरवरी तक इस ऐप के माध्यम से कुल 2239 शिकायतें दर्ज की गई हैं। विभाग की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनमें से 2097 शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान कर दिया गया है। यानी प्राप्त शिकायतों में से 93.66 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। यह डिजिटल तकनीक के जरिए आम जनता को सीधे सिस्टम से जोड़ने की एक प्रभावी कोशिश है।
Muzaffarpur News : मुजफ्फरपुर और दरभंगा में दर्ज हुईं सबसे ज्यादा शिकायतें
साल 2025 में इस ऐप की शुरुआत के बाद से मुजफ्फरपुर और दरभंगा क्षेत्रों में सबसे अधिक सक्रियता देखी गई है।
- मुजफ्फरपुर परिक्षेत्र: यहां कुल 517 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 468 का समाधान कर दिया गया है।
- दरभंगा परिक्षेत्र: मुख्य अभियंता-6 के अंतर्गत 476 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें 448 का निवारण किया जा चुका है।
Mobile App : ऐसे दर्ज कराएं अपनी शिकायत
अगर आप भी जर्जर सड़क की जानकारी देना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया बेहद आसान है:
- गूगल प्ले स्टोर से ‘हमारा बिहार, हमारी सड़क’ ऐप डाउनलोड करें।
- मोबाइल नंबर से लॉगिन करने के बाद अपने जिला, प्रखंड, पंचायत और गांव को चुनें।
- संबंधित सड़क या पुल की फोटो अपलोड करें और जानकारी साझा करें।
- आपकी शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी के पास पहुंच जाएगी।
Bihar Sarkar : समय पर काम न होने पर होगी विभागीय कार्रवाई
ग्रामीण कार्य विभाग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारी को तय समय के भीतर मौके का मुआयना करना होगा और मरम्मत कार्य पूरा कराना होगा। काम खत्म होने के बाद अधिकारी को सड़क की नई फोटो और रिपोर्ट ऐप पर डालनी होगी, जिसे शिकायतकर्ता खुद देख सकते हैं। अगर अधिकारी तय वक्त में काम नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई का भी नियम बनाया गया है।