Ram Mandir Pran Pratishtha : कांग्रेस ने अयोध्या का आमंत्रण ठुकराया, नहीं जाएंगी सोनिया गांधी समेत कोई नेता

by Republican Desk

Ram Mandir की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर करोड़ों लोग अयोध्या जाना चाहते हैं, लेकिन आमंत्रण सीमित है। देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के दिग्गजों को आमंत्रण मिला तो वह इसे नकार रहे हैं। बकायदा चिट्ठी आई है।

कांग्रेस ने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में जाने से इंकार किया है

अयोध्या के श्रीराम मंदिर (Ram Mandir) की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कांग्रेस (Congress Party) की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, संसदीय दल के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी आदि नहीं जाएंगे। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बकायदा वक्तव्य जारी कर बताया है कि पिछले महीने अयोध्या के निर्माणाधीन मंदिर (Ayodhaya Ram Mandir) में प्राण प्रतिष्ठा का आमंत्रण मिला, लेकिन यह फैसला हुआ है कि इसमें नहीं जाना है। इस चिट्ठी में यह भी बताया गया है कि कांग्रेस नेताओं ने नहीं जाने का फैसला क्यों लिया है।

प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण मिला, ससम्मान अस्वीकार किया

राम मंदिर में 22 जनवरी को होने वाले रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाने से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इनकार कर दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने से इनकार कर दिया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बयान देते हुए आरएसएस और बीजेपी पर राम मंदिर को सियासी परियोजना बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण मिला, जिसे उन्होंने ससम्मान अस्वीकार कर दिया है।

आमंत्रण अस्वीकार करने की चिट्ठी जारी

‘धर्म है मनुष्य का निजी विषय’, बीजेपी ने राजनीतिक परियोजना बना दिया

जयराम रमेश ने बयान जारी करते हुए कहा कि ”पिछले महीने, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का निमंत्रण मिला। भगवान राम की पूजा-अर्चना करोड़ों भारतीय करते हैं। धर्म मनुष्य का व्यक्तिगत विषय होता आया है, लेकिन बीजेपी और आरएसएस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर को एक राजनीतिक परियोजना बना दिया है।’

चुनावी लाभ लेने के लिए कर रहे उद्घाटन’

उन्होंने आगे कहा, ”स्पष्ट है कि एक अर्द्धनिर्मित मंदिर का उद्घाटन केवल चुनावी लाभ उठाने के लिए ही किया जा रहा है। 2019 के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को स्वीकार करते हुए एवं लोगों की आस्था के सम्मान में मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी एवं अधीर रंजन चौधरी बीजेरी और आरएसएस के इस आयोजन के निमंत्रण को ससम्मान अस्वीकार करते हैं।”

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