Chirag Paswan का अचानक नीतीश सरकार पर हमलावर होना कई सियासी सवालों को जन्म दे रहा है। चिराग पासवान ने लॉ एंड ऑर्डर के सवाल पर नीतीश सरकार को घेरा है। तीखे सवाल पूछे हैं। तो क्या यह माना जाए कि एनडीए के अंदर बड़ा सियासी खेल होने वाला है?

Bihar News : एनडीए के अंदर सियासी बवाल, चिराग हमलावर
क्या बिहार की राजनीति में बड़ा सियासी खेल होने वाला है? क्या एनडीए के अंदर राजनीतिक बवाल मचा है? क्या लोजपा रामविलास का एनडीए से मोहभंग हो गया है? ये तमाम सवाल अब चिराग पासवान के एक सोशल मीडिया पोस्ट से उठने लगे हैं। बिहार की सियासत में इन दिनों कानून-व्यवस्था एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच विपक्ष के साथ-साथ अब सत्ताधारी गठबंधन के घटक दल के नेता भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे हैं। इस क्रम में केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। चिराग पासवान ने शनिवार को एक पोस्ट कर बिहार पुलिस और राज्य में बढ़ते अपराधों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी।
Bihar Crime : “बिहारी अब और कितनी हत्याओं की भेंट चढ़ेंगे? : चिराग
चिराग ने लिखा, “बिहारी अब और कितनी हत्याओं की भेंट चढ़ेंगे? समझ से परे है कि बिहार पुलिस की जिम्मेदारी क्या है?” उनका यह बयान न सिर्फ सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि सरकार के भीतर भी असहजता पैदा कर रहा है। बिहार में हाल के दिनों में लगातार हत्या की घटनाओं ने आम जनजीवन को दहशत में डाल दिया है। राजधानी पटना में ही तीन दिनों में तीन बड़ी हत्याएं हुई हैं। कुछ दिन पहले नामी कारोबारी गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बालू कारोबारी रमाकांत यादव को दिनदहाड़े मौत के घाट उतार दिया गया। शुक्रवार रात राजधानी पटना के पॉश इलाके में स्थित तृष्णा मार्ट के मालिक विक्रम झा को अपराधियों ने गोली मार दी।
Bihar Crime News : बिहार में अपराधी बेलगाम, लगातार हत्या
इन घटनाओं ने सरकार की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब चिराग पासवान ने अपनी ही सरकार के प्रशासन को आड़े हाथों लिया हो। इससे पहले मुजफ्फरपुर में एक दलित बच्ची के साथ दुष्कर्म और पटना के पीएमसीएच में इलाज में लापरवाही से उसकी मौत की घटना पर चिराग ने नीतीश सरकार को जमकर कोसा था। उन्होंने उस घटना को “पूरे सिस्टम की विफलता” बताया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग पासवान की लगातार आलोचना यह संकेत दे रही है कि आने वाले चुनाव में वे अपने लिए अलग सियासी जमीन तैयार कर रहे हैं। हालांकि वे एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन उनकी बयानबाजी से यह साफ है कि वे जनता के मुद्दों को लेकर सरकार से दूरी बना रहे हैं।
Bihar Politics : चिराग के विद्रोह से विपक्ष को ताकत
राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिराग पासवान के बयान से विपक्ष को भी सत्तारूढ़ गठबंधन पर हमला करने का अवसर मिल गया है। आरजेडी, कांग्रेस और वाम दल पहले से ही बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर सरकार को घेरते रहे हैं, अब चिराग के इस बयान ने विपक्ष के सुर को और धार दे दी है। ऐसे में चिराग पासवान का यह ट्वीट महज एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अगर ऐसी घटनाएं नहीं रुकीं, तो सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर से उठती आवाजें नीतीश सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।