Bihar Police भी बच्चों की खरीद-बिक्री करने वालों को देख रह गई दंग, इतना घिनौना खेल!

by Republican Desk

Bihar News में हम इस वक्त एक चौंकाने वाले बाजार की खबर ला रहे हैं। ऐसा बाजार, जिसमें कम रेट पर बच्चों को किसी से खरीद लिया जाता है। फिर ठीकठाक डील कर मालदार परिवार को बेचा जाता है। बच्चे का रेट बढ़ाने के लिए उसका लुक बदल दिया जाता है।

वैशाली में Bihar Police के हत्थे चढ़ीं यह तीन महिलाएं। इनके साथ तीन पुरुष भी गिरफ्तार किए गए हैं।

कहीं एक बच्चा कोई मजबूरी में बेचे तो हल्ला मच जाता है। लेकिन, यहां तो बाकायदा बाजार लगा है। बच्चा पैदा करो। जरूरत नहीं रखने की तो बेच दो। मार्केटिंग करने वाले बाकायदा ऑफर देंगे। जिस रेट पर डील हुई, वह पेमेंट करेंगे। और, फिर बच्चे का रूप मॉडर्न बनाया जाएगा। सजावट की जाएगी। लग्जरी गाड़ी में खरीदार के पास डील करने जाएंगे। डील करते समय भी स्मार्ट बोलचाल वाली महिलाएं होंगी, ताकि खरीदार को लगे कि वह अच्छी क्वालिटी का बच्चा खरीद रहे हैं। हद है! सोचकर कितना घिनौना लगता है, लेकिन यह सच है। सौ आने पक्की यह खबर वैशाली के हाजीपुर इंडस्ट्रियल एरिया से निकली है। बच्चा खरीदा जा चुका था। बेचने की डील के पहले पुलिस पहुंच गई। इस गोरखधंधे की लीड पुलिस को ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ की टीम ने दी।

36 घंटे से ज्यादा समय तक पीछा किया, फिर पकड़ा
बचपन बचाओ आंदोलन को पता चला कि बच्चा खरीदने की एक डील पटना में होने वाली है। पटना पुलिस ने डील को पकड़ने के लिए हर लीड को पढ़ा और आगे बढ़ती गई। लेकिन, पटना में नहीं हुई। पुलिस और एनजीओ की टीम ने हार नहीं मानी। पीछा चलता रहा। डील करने के लिए बच्चे को लग्जरी गाड़ी में लेकर निकले तीन पुरुष और तीन महिलाओं का पीछा खूब हुआ। यह गैंग हाजीपुर के रास्ते मुजफ्फरपुर पहुंचा। यहां भी डील नहीं की। शायद कुछ अंदेशा हो या यही पैटर्न हो। मुजफ्फरपुर के मोतीपुर से होते हुए गैंग की कार फिर हाजीपुर की तरफ लौटी। लगभग डेढ़ दिन तक आगे-पीछे लुकाछिपी का यह खेल चलता रहा। मंगलवार को हाजीपुर में औद्योगिक थाना क्षेत्र के चौरसिया चौक के पास एक होटल के बाहर कार से यह छह उतरे। दायरा पटना से बाहर था। वैशाली पुलिस को बुलाया गया। घेराबंदी कर सभी को दबोचा गया।

रो रहा था बच्चा, अस्पताल में कराया गया भर्ती
लग्जरी कार की पिछली सीट पर मासूम बच्चा जोर-जोर से रो रहा था। एनजीओ के सदस्य उसे अस्पताल में प्राथमिक जांच के लिए ले गए। गैंग के सभी छह सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद इन सभी को जेल भेज दिया गया। पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग पटना से ऑपरेट होता है। गैंग के सदस्य बिहार के सभी जिलों में सक्रिय हैं। यह जरूरतमंद परिवारों से भी संपर्क रखते हैं और अस्पतालों से भी। जिन अस्पतालों में अज्ञात पिता वाले बच्चों का जन्म होता है, वहां इनका गैंग ज्यादा सक्रिय रहता है। बच्चे को कम-से-कम रेट में खरीदना और फिर उसे सभ्य-अच्छे परिवार का बताते हुए बेचना ही इस गैंग का धंधा है।

You may also like

Leave a Comment

cropped-republicannews-logo.png

Editors' Picks

Latest Posts

© All Rights Reserved.

Follow us on