Bihar Cabinet ने IGIMS में इलाज-दवा फ्री* की, अल्पसंख्यक उद्यमी योजना समेत 10 एजेंडे पास

by Republican Desk

Cabinet Bihar की बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुसार उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बाहर जाने से पहले कर लेनी थी, इसलिए सोमवार को की गई। बैठक में क्या हुआ, यह आगे पढ़ें।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार की महागठबंधन सरकार ने छह दिनों में यह दूसरी कैबिनेट बैठक की है। बैठक तय दिन से पहले हो गई, क्योंकि उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव बिहार से बाहर जाने वाले हैं। सोमवार को इस बैठक के साथ इस बात की चर्चा तेजी से गरम हुई कि नीतीश सरकार चुनाव के मद्देनजर संविदा शिक्षकों को लेकर नरम हो गई है। एक दिन पहले से इस खबर का इंतजार किया जाने लगा कि नीतीश सरकार संविदा शिक्षकों की विशेष परीक्षा लेकर स्थायी शिक्षक के पदों पर उनकी भर्ती ले ली जाएगी, लेकिन सोमवार को मंत्रिमंडल में ऐसा कुछ नहीं हुआ। सोमवार को 10 एजेंडे कैबिनेट में पास हुए। इनमें सरकार ने चुनावी अंदाज में कई लोक-लुभावन फैसले लिए। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में दवा-इलाज फ्री करने की घोषणा की। इसके अलावा बड़ी घोषणाओं में मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना की शुरुआत भी है।
IGIMS में कब से मिलेगी कितनी सुविधा- जानें
इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में मरीजों को दवा एवं सभी प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं फ्री की गई हैं। प्राइवेट और डीलक्स वार्ड वाले मरीजों को रूम या बेड का चार्ज लगेगा। पंजीयन शुल्क पहले की तरह लगता रहेगा। ऑपरेशन में भी कुछ खर्च नहीं होगा। इसपर सरकार को करीब 60 करोड़ का अतिरिक्त सालाना खर्च होगा। आईजीआईएमएस अबतक जो भी सुविधा देता है, उसका भुगतान सरकार करती है। अब इन सुविधाओं का भी भुगतान सरकार खुद करेगी। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए अपनी ओर से अधिसूचना जारी करेगा, तब यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
अल्पसंख्यक उद्यमी योजना को मिली स्वीकृति
राज्य में अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने और इनके बीच स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना को स्वीकृति दी गई है। सबसे पहले अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए शुरू की गई थी। उसके बाद अतिपिछड़ों को शामिल किया गया। फिर महिला वर्ग के लिए अलग योजना बनी। अब अल्पसंख्यकों के लिए यह विशेष योजना शुरू की गई है। पांच लाख लोन और पांच लाख अनुदान इसमें देने का प्रावधान है। लोन पर ब्याज आवेदक के वर्ग के अनुरूप होगा। मतलब, अगर अल्पसंख्यक में महिला है तो उसपर महिला वर्ग वाला सूद लगेगा। पहले जो अल्पसंख्यक वर्ग के लिए निगम की ओर से ऋण की योजना थी, उसे खत्म कर दिया गया है।
23 जगहों पर नए ट्रैफिक थाने, पटना-गया में बदलाव
गृह विभाग से जुड़े एक फैसले में सड़क दुर्घटना में कमी लाने और यातायात सुचारु करने के लिए पहले से 12 जिलों में यातायात थाने थे, अब 23 जिलों में भी यह खोले जाएंगे। बिहार में 38 जिले और दो पुलिस जिले हैं। इसके लिए 4215 पदों की जरूरत है, जिनमें से 3366 पद पहले से स्वीकृत हैं। 8049 पदों की स्वीकृति सोमवार को स्वीकृति दी गई। जिन नए जिलों में थाने खुलेंगे- किशनगंज, नवादा, सीवान, बक्सर, मधुबनी, जहानाबाद, भभुआ, सुपौल, सहरसा, जमुई, रोहतास, बेतिया, वैशाली, औरंगाबाद, अररिया, गोपालगंज, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, लखीसराय, बांका, खगड़िया, मोतिहारी और मधेपुरा। पटना में तीन यातायात थाने हैं- गांधी मैदान, बाइपास, सगुना मोड़। इनके दायरे में बदलाव किया गया है। गया में नगर यातायात थाना और बोधगया यातायात थाने के दायरे में भी बदलाव किया गया है।

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