2024 Election : बिहार में पीठासीन पदाधिकारी की मौत, चुनाव ड्यूटी में मौत पर मुआवजा का प्रावधान क्या है, जानें

by Republican Desk

Lok Sabha Election 2024 में हिंसक घटनाओं के कारण मतदानकर्मियों की मौत की खबरें नहीं आई हैं। लेकिन, बाकी कारणों से भी मौत पर मुआवजा मिलता है, यह जानना चाहिए।

एक शिक्षक व एक होम गार्ड जवान की हुई मौत

Lok Sabha Election 2024 : बिहार में 2 चुनाव कर्मियों की मौत

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान जारी है। बिहार के 5 सीटों झंझारपुर, सुपौल, अररिया, मधेपुरा और खगड़िया पर वोटिंग के बीच अबतक 2 चुनाव कर्मियों की मौत हो चुकी है। हालांकि इन मौत का कारण हिंसक घटनाएं नहीं हैं। लेकिन ये जानना भी जरूरी है कि चुनावी ड्यूटी के कारण अगर किसी मतदानकर्मी की मौत होती है तो मुआवजे क्या प्रावधान है।

मुआवजा : 30 लाख, 15 लाख व 7.5 लाख का प्रावधान समझिए

मुआवजा को लेकर चुनाव आयोग ने वर्ष 2019 में एक नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके तहत चुनाव में किसी भी तरह की हिंसक घटनाओं में मौत होने पर 30 लाख मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा चुनाव ड्यूटी में यदि किसी भी तरह मतदानकर्मी की मौत होती है तो ऐसे में 15 लाख मुआवजा देने का प्रावधान है। जबकि स्थाई विकलांगता की स्थिति में 7.5 लाख मुआवजा दिया जाता है।

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एक शिक्षक व एक होम गार्ड जवान की हुई मौत

मतदान के दौरान सुपौल के सरायगढ़ भपटियाही प्रखंड चांदपीपर पंचायत स्थित बूथ संख्या 58 में पीठासीन पदाधिकारी की मौत हो गई है। ड्यूटी करते वक्त अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। आननफानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। लेकिन, डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई जा रही है। मृतक की पहचान पिपरा थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव निवासी शैलेंद्र कुमार के रूप में हुई है। वह रतनपुरा उच्च विद्यालय में प्राचार्य थे। इसके अलावा अररिया के जोकीहाट विधानसभा क्षेत्र में पेचैली मतदान केंद्र पर एक होम गार्ड जवान की भी मौत हो गई है। होम गार्ड जवान की मौत का कारण भी हार्ट अटैक ही माना जा रहा है।

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